आमला ग्राम अमनी के रहवासी पिछले एक सप्ताह से बिजली की समस्या से जूझ रहे थे।आज अमनी ग्राम के एक दर्जन से अधिक लोग बिजली विभाग के कार्यालय अपनी समस्या लेकर पहुंचे और कार्यालय में उपस्थित कर्मचारियों को अपनी समस्या बताने लगे तभी विद्युत विभाग के जे ई सृजनदीप बरेले वहाँ पहुंचे अपनी मोटरसाइकिल से उतरते ही ग्रामीण पर भड़कने लगे और अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगे और अपनी रफ टोन भाषा में बात करना शुरू कर दिया और ग्रामीणों को बार-बार धमकाने लगे।ग्रामीणों पर आरोप लगाते हुए बरेले जी अपनी भड़ास निकालने लग गए और कहने लगे कि पूरा पैसा भरो फिर लगाएंगे ट्रांसफार्मर,जबकि वहां पहुंचे हुए बहुत से किसान ऐसे थे जिन्होंने बिल पूरा जमा कर दिया था उन्होंने कहा कि जिन्होंने बिल नहीं भरा है आप अपने स्तर से वसूली करिए इससे हमें कोई लेना-देना नहीं लेकिन हमारे बच्चों की पढ़ाई में दिक्कत आ रही है और पेपर भी नजदीक आ गया है ऐसे में बच्चे कैसे पढ़ेंगे इसलिए आप बिजली शुरू कर दीजिये।मौके पर उपस्थित पत्रकार दिलीप चौकीकर ने जब वीडियो बनाना शुरू कर दिया तो सृजनदीप बरेले और भी आग बबूला हो गए ।

सिर्फ उनसे इतना पूछा गया कि क्या आपके नियम में पुलिस के माध्यम से बिल वसूली कर सकते हो क्या ।इस पर वे उल्टा आरोप लगाने लग गए और कहने लगे कि मुझे ज्यादा पत्रकारिता मत बताओ मैं गांव के 50 लोगों को लाकर खड़ा कर दूंगा और तुम्हारे खिलाफ थाने में शिकायत करवा दूंगा फिर आप निपटते रहना सब पत्रकारिता समझ में आ जाएगी। फिर जब पत्रकार ने उनसे कहा कि क्या आपके नियम में आता है क्या हां या ना का जवाब दे सकते थे किन्तु वे तो उल्टा ग्रामीणों और पत्रकार को धमका रहे हो। सृजन दीप बरेले विगत लगभग 10 वर्षों से आमला में ही डटे हुए है आमला में वे कभी आमला शहर ,आमला ग्रामीण और पंखा सब स्टेशन पर पदस्थ रहे है।यहां पर पदस्थ रहने के दौरान इन पर भ्रष्टाचार के तमाम आरोप लगे है।इन्होंने बतायदा वसूली के लिये लोगों को लगा रखा है। इनका मुंह लगा एक विभाग का कर्मचारी इनकी वसूली करता है।इस कर्मचारी के माध्यम से ये ग्रामीणों से वसूली करते है।यह मुंह लगा कर्मचारी आमला शहर में ही निवास करता है और बरेले की सेवा में लगा रहता है इन्होंने इस मुँह लगे कर्मचारी के माध्यम से विगत दिनों गन्ना खरीदी कर मिल भेजने का काम भी किया था किसान डर के मारे और मजबूरी में इन्हें औने पौने दाम पर गन्ना बेच देते थे नहीं तो इन किसानों पर बिजली के झूठे प्रकरण बनाने की धमकी दी जाती थी।लेकिन कई सालों से जमे बरेले अपने आप को बिजली विभाग का बड़ा किंग समझते है पंखा सबस्टेशन कि डोर भी जब इनके पास पहले थी तब ससुद्रां डैम के किसानों के बिजली कनेक्शन कुछ खाना पूर्ति के नाम से कनेक्शन दिए और बाकी के फर्जी कनेक्शन के नाम पर मिल बांट के बंदर बाट भी खुब किया ।किसानों का पैसा इन्होंने हजम भी बहुत कर चुके और कई वैध कनेक्शन न देकर सीधा पैसा डकार लिया और अवैध कनेक्शन दिया 10 से 12 वर्ष से जमे बरेले घूसखोरी में नंबर वन में चल रहे हैं और अपने आप को पाक साफ बताते है।विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से इस विषय पर हमने जब चर्चा की और विद्युत विभाग आमला के प्रबंधक डोंगरे जी को वीडियो बताया तो उन्होंने भी नाराजगी जताई और कहा कि ऐसी बात थी तो मेरे पास में भिजवा देते या आप स्वयं लेकर आ जाते मैं निराकरण कर देता अधिकारी डोंगरेजी ने ट्रांस फॉर्म आगे आकर भिजवाए और लगवा भी दिया । डोंगरे जी ने कहा कि किसानों से ऐसी बातें नहीं करना चाहिए हालांकि मैं उनको समझा दूंगा दोबारा ऐसी गलती ना करें । पत्रकारों से अभद्र भाषा में बात करने की शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों से की जाएगी और 10 से 12 वर्ष से जमे इसे भ्रष्ट अधिकारी को हटाने की शिकायत भी की जाएगी।
आमला के वरिष्ठ पत्रकार दिलीप चौकीकर ने कहा कि सृजनदीप बरेले और उनके आमला शहर के मुंह लगे कर्मचारी के मोबाइल की बातचीत की डिटेल निकाली जाये और पिछले 10 वर्षों के दौरान इनके बैंक खाते में आई रकम के स्रोतों की जांच की जाये तो तो बड़ा भ्रष्टाचार सामने आ सकता है।
शीघ्र ही यह सब मामला पत्रकार भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे और इसकी शिकायत करेंगे।







